Is mantra ke saath: Fundamentals Explained

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.

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ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

As outlined by Eradicating Black Magic, using this type of sadhana, the seeker can safeguard himself and his relatives from evil eyes, tantric obstacles, misfortune, and enemy defects. The sadhana of these nine days purifies the read more soul, cuts off outdated sins and karmic bonds, and leads the individual to new auspicious chances in life.

कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.

गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।

कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।

इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.

कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।

यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

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